Friday, November 14, 2014

ऐ नींद आज तेरे न आने का शुक्रिया।

Seetesh Azaad's blog...: चोटों पे चोट देते ही जाने का शुक्रिया।: चोटों पे चोट देते ही जाने का शुक्रिया पत्थर को बुत की शक्ल में लाने का शुक्रिया जागा रहा तो मैंने नए काम कर लिए ऐ नींद आज तेरे न आने का शु...

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