Wednesday, August 7, 2013

Bhavishya Ka Hindustan

ऐसा होगा, वैसा होगा,
लगा रहे हैं सब अनुमान।
दो हज़ार पचास में,
कैसा ? होगा मेरा हिन्दुस्तान।
होंगे देश में ऐसे नेता,
जिनपर होगा हमें गुमान।
देश की सत्ता पर होगी,
काबिल अफसरों की कमान।
कोई भी नहीं, भूखा सोयेगा,
बेबस और लाचारी से।
देश की जनता छुडा ही लेगी,
देश को भ्रष्टाचारी से।
एक किसान भी, मेरे देश में,
न होगा फिर कभी निराश।
धरती फिर सोना उगलेगी,
खूब धन होगा उसके पास।
एक युवक भी, बेकार नहीं,
भटकेगा, शिक्षा के उपरान्त।
सबके पास में होंगी नौकरी,
और, सबकी इच्छाएं होंगी शांत।
रोटी, कपड़ा और मकान पा,
सबके सपने पूरे होंगे।
जाति-धर्म के नाम पर फिर,
कभी नहीं दंगे होंगे।
आशा यही है, मेरे सोने की,
चिड़िया, जैसे देश महान से।
दो हज़ार पचास में, देशवासी चलेंगे,
विश्व में उठाके, सिर अपना शान से।
Happy Independence Day 2013
-सीतेश अजाद
9708143123
9507143123

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