खड़े हैं मुझको ख़रीदार देखने के लिए
मैं घर से निकला था बाज़ारदेखने के लिए
हज़ार बार हज़ारों की सम्त देखते हैं
तरस गए तुझे इक बार देखनेके लिए
कतार में कई नाबीना लोग शामिल हैं
अमीरे-शहर का दरबार देखने के लिए
जगाए रखता हूँ सूरज को अपनी पलकों पर
ज़मीं को ख्वाब से बे-दारदेखने के लिए
अजीब शख्स है लेता है जुगनुओं से खिराज
शबों को अपनी चमकदार देखने के लिए
हर एक हर्फ़ से चिंगारियाँनिकलती हैं
कलेजा चाहिए अखबार देखने के लिए !!
seetesh azaad
9708143123
9507143123
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